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प्रदेश में भ्रष्टाचार और घोटालो से शिवपुरी के अधिकारियो की पहचान

  प्रदेश में भ्रष्टाचार और घोटालो से शिवपुरी के अधिकारियो की पहचान  पीडब्ल्यूडी विभाग में अधिकारियो एवं कर्मचारियो ने कर डाला करीब 11 करोड़ ...

 प्रदेश में भ्रष्टाचार और घोटालो से शिवपुरी के अधिकारियो की पहचान 

पीडब्ल्यूडी विभाग में अधिकारियो एवं कर्मचारियो ने कर डाला करीब 11 करोड़ का घोटाला 

इंडिया आज तक की भ्रष्टाचार की खबर पर एक बार फिर लगी मोहर 


शिवपुरी। यह कहना बिल्कुल भी गलत नही होगा कि प्रदेश में शिवपुरी जिला अधिकारियो के भ्रष्टाचार व घोटालो के नाम से जाना जाता है पिछले कई वर्षो से यह देखने में आया है कि शिवपुरी जिले में पोस्टिंग के लिए सरकारी अधिकारी एक मोटी रकम देकर आता है और फिर इसके बाद इस जिले में अधिकारी उस मोटी रकम से कई गुना रकम कमा कर यहां से ले जाता है इस जिले में एक नही सेकडो अधिकारियो के भ्रष्टाचार के मामले प्रकाश में आए है लेकिन किसी भी मामले में कोई ठोस कार्यवाही सामने नही आई नतीजा अधिकारी और जनप्रतिनिधियो की इस जिले में हमेशा से ही मिलीभगत रही है। बीती 19 मार्च को इंडिया आज तक ने शिवपुरी के कई सरकारी विभागो को लेकर समाचार प्रकाशित किया था जिसके बाद जिले का परिवहन विभाग हरकत में आया और वाहनो पर कार्यवाही कर अपने कार्य की उपस्थिति दर्ज कराई इसके बाद शिवपुरी के पीडब्ल्यूडी विभाग में करीब 11 करोड़ का भ्रष्टाचार व घोटाला निकलकर सामने आया है जिसमें कोतवाली पुलिस ने विभाग के अधिकारी सहित 15 कर्मचारियो पर एफआईआर दर्ज की है मामले में बताया जा रहा है कि विभाग में वर्ष 2018 से 2023 के बीच शासकीय खजाने को चपत लगाकर आर्थिक हानी पहुचाई गई है बताया जा रहा है कि विभाग में पदस्थ रहे अधिकारियो ने अपने उत्तर दायत्वो का निर्वहन सही से नही किया। विभाग में बेतन के नाम पर यह घोटाला किया गया है इस घोटाले की पूरे जिले भर में चर्चा जोरो पर है शिवपुरी के सरकारी कार्यालयो में भी अधिकारी और कर्मचारियो के बीच इस घोटाले की बडी चर्चा जोरो पर चल रही है सरकारी कार्यालयो में चर्चा जोरो पर है की बेतन ऑनलाइन होने के बाद भी बेतन में घोटाला किया गया है और अगर बेतन ऑफ लाइन होती तो फिर कितना बडा घोटाला होता...? फिलहाल 7 करोड़ बेतन घोटाले की चर्चा नही है बल्कि करीब 11 करोड़ बेतन घोटाले की चर्चा है। 

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अभी तक कौन बना आरोपी 

इस सरकारी विभाग की सबसे महत्वपूर्व बात यह है कि इस विभाग में कई कर्मचारी ऐसे है जो पिछले 20 सालो से एक ही कुर्सी पर जमें होकर एक ही जिले में नौकरी कर रहे है यही मुख्य कारण है कि इस विभाग में आज यह घोटाला निकल कर सामने आया है इस विभाग में कई कर्मचारी ऐसे है जो विभाग के मास्टर माइंड है इनमें से एक नाम जेपी वर्मा का है यह बाबू विभाग का सबसे बडा मास्टर माइड है और वर्षा से एक ही विभाग में एक ही कुर्सी पर जमा हुआ है और एक ही जिले में नौकरी कर रहा है विभागीय सूत्र बताते है कि इस घोटाले में इस बाबू का नाम भी शामिल है लेकिन जब पुलिस एफआईआर हुई तो इस बाबू का नाम उसमें शामिल नही किया। पुलिस के अनुसार इस बेतन घोटाले में जो आरोपी बने है उनमें विभाग के वर्तमान कार्यपालन यंत्री धर्मेन्द्र यादव के अलावा ओम हरि शर्मा,जीबी मिश्रा,बीएस गुर्जर, हरिओम अग्रवाल, एच के मीना, संजय शर्मा, बैभव गुप्ता, दयाराम शिवहरे, प्रेम नारायण नामदेव, गौरव श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, शाहरुख खान, नसीहम खान, धूलजी एव सरीता देवी को आरोपी बनाया गया है। विभागीय सूत्र बताते है कि मामला उजागर होने पर जिन अधिकारी कर्मचारियो को आरोपी बनाया गया है उनके बीच में ऐसा माहोल उत्पन्न हो गया है जैसे मानो किसी की गमी हो गई हो इतना ही नही विभाग के भीतर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है और पुलिस एफआईआर के बाद जो आरोपी बने है उनमें से कई भूमिगत हो गए तो कईयो के मोबाईल आफ हो गए है अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कुछ और होता है। 

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एक नजर 19 मार्च की खबर पर 

पीडब्ल्यूडी सरकारी विभाग 

इस कार्यालय से जिले में सडक़े बनाई जाती है इसके अलावा वर्ष भर में कई सरकारी विभागो की रंगाई पुताई की जाती है इसके अलावा सरकारी आवासो और कार्यालयो की मरम्मत भी की जाती है लेकिन विभाग ने वर्ष भर में क्या कार्य किए है इसकी जानकारी विभाग नही दे रहा है विभाग के अधिकारी धर्मेन्द यादव पर दो-दो प्रभार है इसके अलावा उक्त अधिकारी कभी भी समय से ऑफिस में नही बैठते है और ना ही फोन रिसीव करते है ऐसे में यही कहा जा सकता है कि उक्त सरकारी विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर बना हुआ है इस विभाग पर कलेक्टर और जनप्रतिनिधियो को ध्यान देना चाहिए ।

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इन कार्यालयो में भी भ्रष्टाचार व घोटाला..?











सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सरकारी कार्यालयो को जिले का विकास करने के लिए प्रतिवर्ष प्रदेश सरकार से वडी मात्रा में करोडो रुपये का सरकारी बजट आता है जिस बजट को सरकारी विभाग के अधिकारियो द्धारा वर्ष के मार्च महिने की 31 तारीक तक खर्च करना होता है ऐसे में कई सरकारी विभागो में विकास के बिना कार्य किए ही सरकारी बजट को अन्य मदो में खर्च कर दिया जाता है जो अनावश्यक होते है ऐसे में सरकारी बजट को लेकर ठीक ढंग से जाच पडताल हो तो कार्य पालन यंत्री ग्रामीण सेवा संभाग विभाग ,खनिज विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग, जनपद पंचायत, नगर पालिका,आदिमजाति कल्याण विभाग, कृषि विभाग, आबकारी विभाग, महिला बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना विभाग, पीएचई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अजीविका मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, बीआरसीसी, जस संसाधन विभाग, कृषि उपज मंडी आदि कार्यालयो में भी भ्रष्टाचार और घोटाला उजागर हो सकता है।

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